Sunday, 8 March 2020
नारी
किसी राजा की तरह सोचने की जगह हमेशा एक रानी की माफिक सोचे।रानियां असफल होने से नही डरती क्योंकि वे जानती है कि असफलता महंत की ओर बढ़ रहा एक कदम है।महिलाओं का ब्यक्तित्व टि बैग की तरह होता है।जब तक गर्म पानी मे नही उतरती तब तक पता नही चलता कि वे कितनी मजबूत है।ये बिडंबन्हि किस्त्रियों को प्रेम मिलता है लेकिन उन्हें समझने की कोशिश कोई नही करता।।
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काम से प्रसंता
अगर हम स्वेच्छा से कोई काम करते है,तो फिर काम जैसा हो,इसका पूरा आनंद उठाते है।यह काम जब पूरा हो जाता है,तो हमे संपूर्णता का अनुभव होता है।इस...
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