Tuesday, 3 March 2020
न घुस ले न लेने दे,जोरदार आवाज उठाये
एक शिक्षक से समाप्ति के बाद अपने घर आते है।पेंशन हेतु आवेदन शिक्षा कार्यालय में दिया तो सम्बन्धित लिपिक के द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है।अब ईमानदार शिक्षक के द्वारा घुस मांगे जाने से परेशान शिक्षक ने घूसखोर लिपिक को जलील करने और घूसखोर लिपिक को सबक सिखाने की ठान ली।दूसरे दिन शिक्षक ने उस घूसखोर लिपिक के पास पहुंचकर पहले शर्ट उत्तआरा,फिर पेंट उतारा ,फिर घड़ी उतारकर टेबल पर रखने लगा,आश्चर्य भरी निगाहों से सभी लोग उस शिक्षक को लगे,अब शिक्षक जोड़ जोड़ से चिलाकर उस घुस माँगनेवाला लिपिक को कहा घड़ी का दाम 700 शर्ट का द्दाम 500 पंत का दम 500 है तुम लो और मेरा पेंशन फिक्स करो।आफिस में हाहाकार मच गया घूसखोर लिपिक और पदाधिकारी शर्म से पानी पानी हो गया।पेअर पकड़ उस शिक्षक से माफी मांगी।रिश्वत नही लेने की कसम खायी।और उस शिक्षक का काम तत्काल कर दिया।घूसखोर को बेनकाब करें,न घुस ले न घुस लेने दे।समाज बदलेगा।युग बदलेगा।।।
शराब न पीओ न पीने दो
शराब जिंदगी को स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को भी खराब करता है।शराब का असर परिवार के बच्चों के संस्कार पर भी पड़ता है।शराब पीने वाले समाज की नजरों में तो गिर ही जाता है,परिवार और बच्चों की नजर में भी गिर जाता है।शराब के चक्र में पड़कर आदमी गलत कार्यो को करने के लिए आतुर हो जाता है।जो परिवार शराब के लत में आ जाता है।उसके घर मे कलह झगड़ा झंझट का अखाड़ा बन जाता है।इसलिये बापू ने कहा था ,न शराब पियें न शराब पीने दें।अभी बिहार में शराबबन्दी है।फिर भी लोग गलत आदत के चक्र में गलत दारू का उपयोग करते है।जिसके कारण लिवर किडनी जैसे बीमारी भी हो जाती है।शराब जानलेवा है।शराब पीने से बचे ।और स्वस्थ जीवन जिये।समाज मे इज्जत प्रतिष्ठा के साथ जियें।
Saturday, 24 August 2019
Friday, 9 August 2019
Saturday, 3 August 2019
Thursday, 1 August 2019
"स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।" का मूल मंत्र देकर देश को स्वतंत्रता के लिए जागृत किया। आपके प्रखर विचार युवाओं को अनंतकाल तक राष्ट्र के समग्र विकास में सहभागिता के लिए प्रेरित करते रहेंगे। भारतीय राष्ट्रवादी, शिक्षक, समाज सुधारक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
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काम से प्रसंता
अगर हम स्वेच्छा से कोई काम करते है,तो फिर काम जैसा हो,इसका पूरा आनंद उठाते है।यह काम जब पूरा हो जाता है,तो हमे संपूर्णता का अनुभव होता है।इस...




